
ॐ जय गंगा माता, जय गंगा माता।
भक्तों के संकट हरहु, माता सदा।।
जय गंगा माता…
शंख-घंटा, दीप और पुष्प अर्पित कर,
भक्तों की मनोकामना पूर्ण करहु माता।।
जय गंगा माता…
धरा और आकाश की देवी, पवित्र गंगा माता,
सदा सुख-समृद्धि, दृष्टि रखो भक्तों पर माता।।
जय गंगा माता…
अन्न और भोग में अर्पित, भक्तों का कल्याण करहु,
संकट दूर करहु, जीवन में शांति लाओ माता।।
जय गंगा माता…
आरती गंगा माता की, जय गंगा माता।
सदा मंगलकारी, भक्तों के पाप हरहु माता।।
जय गंगा माता…
shanidevji.space , indradev.online , suryadev.online , chandradev.online , maaganga.space